
अबू धाबी वाणिज्य & उद्योग मंडल (ADCCI) ने जर्मनी-यूएई बिज़नेस काउंसिल (GUBC) के सहयोग से जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक बंद-कक्ष गोलमेज़ बैठक आयोजित की, जिसने अबू धाबी और बर्लिन के विनिर्माण क्षेत्रों को एक मंच पर लाया।
इस गोलमेज़ बैठक का उद्देश्य औद्योगिक सहयोग को मज़बूत करना, औद्योगिक साझेदारियों एवं निवेश के व्यावहारिक रास्ते तलाशना, प्रौद्योगिकी का स्थानीयकरण करना, आपूर्ति शृंखलाएँ विकसित करना और वैश्विक बाज़ारों में विनिर्माण कंपनियों की वृद्धि में सहयोग देना था। इसमें अग्रणी विनिर्माता एवं निवेशक तथा दोनों पक्षों के सरकारी व आर्थिक निकायों और संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
यह बैठक ऐसे समय हुई जब अबू धाबी में जर्मन कारोबारी समुदाय की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। 2024 और 2025 के बीच अबू धाबी चैंबर में पंजीकृत जर्मन कंपनियों की संख्या में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। विदेशी कंपनियों की शाखाओं में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि इसी अवधि में जर्मन साझेदारों वाली कंपनियों की संख्या 10.1 प्रतिशत बढ़ी। ये संकेतक साझा व्यावसायिक हितों के विस्तृत होते आधार को दर्शाते हैं और जर्मन औद्योगिक क्षमताओं तथा अबू धाबी की प्रतिस्पर्धी खूबियों के बीच की पूरकता को संयुक्त परियोजनाओं और विस्तार-योग्य अवसरों में बदलने के अबू धाबी चैंबर के प्रयासों को मज़बूती देते हैं।
इस आयोजन में प्रमुख औद्योगिक, ऊर्जा, इंजीनियरिंग एवं उन्नत-प्रौद्योगिकी संगठनों के निर्णयकर्ता एक साथ आए, जिससे व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य अवसरों और उन्हें क्रियान्वयन तक ले जाने के लिए आवश्यक क्षमताओं पर सीधा संवाद संभव हुआ।
संवाद पाँच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित रहा, जहाँ अबू धाबी के औद्योगिक लक्ष्य जर्मनी की तकनीकी एवं विनिर्माण शक्तियों से गहराई से मेल खाते हैं: स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, उन्नत सामग्री, मोबिलिटी और चिकित्सा प्रौद्योगिकी। ये केंद्रीय क्षेत्र एक स्मार्ट एवं सतत औद्योगिक अर्थव्यवस्था के अबू धाबी के दृष्टिकोण को सहारा देते हैं और अबू धाबी औद्योगिक रणनीति के उस लक्ष्य में योगदान करते हैं, जिसके तहत 2031 तक विनिर्माण क्षेत्र का योगदान बढ़ाकर AED172 बिलियन करना है। ये यूएई की Operation 300bn और Make it in the Emirates पहलों के भी अनुरूप हैं, जो औद्योगिक वृद्धि, उन्नत प्रौद्योगिकी अपनाने, आपूर्ति शृंखला की सुदृढ़ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देती हैं।
अबू धाबी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अबू धाबी चैंबर के बोर्ड सदस्य एवं Ittihad International Investment के सीईओ महामहिम आमेर फ़ायेज़ काकिश ने किया, जिनके साथ यूएई पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हुए जर्मनी-यूएई बिज़नेस काउंसिल के सह-अध्यक्ष मुसब्बेह अल काबी भी रहे। प्रतिभागियों में अबू धाबी चैंबर की बोर्ड सदस्य महामहिम मरवा अल मंसूरी; चैंबर के बोर्ड सदस्य एवं Siemens Energy UAE के सीईओ महामहिम ख़ालिद बिन हादी; Mannesmann Energy के सीईओ इंजी. अनस अलजुऐदी; तथा अबू धाबी के औद्योगिक एवं कारोबारी क्षेत्रों के अन्य प्रतिनिधि शामिल थे।
जर्मन प्रतिनिधिमंडल में जर्मन-यूएई बिज़नेस काउंसिल के प्रबंध निदेशक आर्मिन पीटर; मध्य पूर्व में Siemens के सीईओ हेल्मुट फ़ॉन श्ट्रूवे; विशेष रसायनों में वैश्विक अग्रणी Evonik Industries AG के मुख्य रणनीति अधिकारी थॉमस हेरमन; औद्योगिक इंजीनियरिंग एवं सतत रासायनिक समाधानों में विशेषज्ञता रखने वाली thyssenkrupp Uhde की MENA क्षेत्र की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट फ़ातिमा दीन; और जर्मन ऊर्जा कंपनी EnBW के सरकारी मामलों के प्रमुख होल्गर शेफ़र शामिल थे। उनकी भागीदारी ने इस गोलमेज़ बैठक के महत्व को रेखांकित किया, जो उन्नत जर्मन क्षमताओं को अबू धाबी के निवेश, विनिर्माण और वृद्धि के अवसरों से जोड़ने वाला एक सीधा मंच है।
“यह गोलमेज़ बैठक दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारियाँ बनाने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम है, जो जर्मन इंजीनियरिंग एवं तकनीकी विशेषज्ञता को अबू धाबी के उन्नत औद्योगिक परिवेश के साथ जोड़ती हैं। हमारा लक्ष्य इस संवाद को सह-विनिर्माण, प्रौद्योगिकी के स्थानीयकरण और आपूर्ति शृंखला विकास में क्रियान्वयन-योग्य परियोजनाओं में बदलना है, और साथ ही जर्मन कंपनियों के लिए क्षेत्रीय एवं वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचने और बढ़ने के आधार के रूप में अबू धाबी की स्थिति को मज़बूत करना है। इन बैठकों का मूल्य उन स्थायी कारोबारी रिश्तों, निवेशों और अवसरों से आँका जाएगा जो ये सृजित करती हैं।”
“अबू धाबी चैंबर आर्थिक जुड़ाव को निजी क्षेत्र के लिए व्यावहारिक अवसरों में बदलकर कारोबारी समुदाय को सशक्त बनाना जारी रखे हुए है। यह गोलमेज़ बैठक विनिर्माताओं, निवेशकों और प्रौद्योगिकी अग्रणियों को जोड़ने वाला एक सीधा रास्ता बनाती है, ताकि वे साझेदार तलाश सकें, उन्नत क्षमताओं का स्थानीयकरण कर सकें और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाएँ विकसित कर सकें। उन्नत अवसंरचना, विशिष्ट आर्थिक क्षेत्रों, भरोसेमंद ऊर्जा और वैश्विक कनेक्टिविटी से बना अबू धाबी का एकीकृत परिवेश कंपनियों को विस्तार करने तथा अमीराती और जर्मन कारोबारी समुदायों के बीच सतत औद्योगिक सहयोग बनाने के लिए एक मज़बूत मंच देता है।”
जर्मनी के संघीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, 2024 में देश के कुल सकल मूल्य वर्धन में विनिर्माण की हिस्सेदारी 19.9 प्रतिशत रही। कार्यालय के उद्योग डैशबोर्ड के अनुसार इस क्षेत्र की कुल बिक्री लगभग €2.1 ट्रिलियन रही और इसमें करीब 7.5 मिलियन लोग कार्यरत हैं।
अबू धाबी का औद्योगिक क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को सहारा देने की अपनी क्षमता लगातार दिखा रहा है। 2025 की तीसरी तिमाही में विनिर्माण ने AED30.5 बिलियन का मूल्य वर्धन किया, जो अमीरात की GDP का 9.4 प्रतिशत रहा। औद्योगिक गतिविधि का भी विस्तार हुआ और 2025 में 115 नई इकाइयाँ पूर्ण उत्पादन तक पहुँचीं, जबकि 2024 में यह संख्या 75 थी।
प्रतिभागियों ने औद्योगिक वृद्धि एवं निवेश को सहारा देने में ख़लीफ़ा इकोनॉमिक ज़ोन्स अबू धाबी (KEZAD Group) की भूमिका पर भी चर्चा की, जिसमें Industrial City of Abu Dhabi (ICAD 1) भी शामिल है। KEZAD Group 550 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जहाँ पट्टे पर दी गई भूमि का 67 प्रतिशत औद्योगिक एवं विनिर्माण गतिविधियों के अधीन है, जबकि ICAD 1 पूर्ण क्षमता पर संचालित हो रहा है, जो विशिष्ट औद्योगिक अवसंरचना की मज़बूत माँग को दर्शाता है।
इस गोलमेज़ बैठक ने निवेश एवं साझेदारी के अवसरों की पहचान करने, लक्षित तकनीकी एवं व्यावसायिक चर्चाओं को सुगम बनाने, तथा संभावित पायलट परियोजनाओं, संयुक्त विनिर्माण पहलों, स्थानीय असेंबली और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के अवसरों का आकलन करने का मंच दिया। बैठक का समापन इस प्रतिबद्धता के साथ हुआ कि भाग लेने वाले संगठनों के बीच संवाद जारी रहेगा और प्राथमिकता वाले औद्योगिक क्षेत्रों में व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य साझेदारियाँ आगे बढ़ाई जाएँगी, जिससे अबू धाबी और जर्मनी के बीच दीर्घकालिक विनिर्माण सहयोग मज़बूत होगा।
